आरती के प्रयास से अपनों से मिलीं आसाम की 3 किशोरियां

3-teenagers-of-Assam-meet-with-Aarti's-efforts

मेरठ : सूबे की सरकार ने महिलाओं की सुनवाई के लिए प्रदेश के जिलों में आशा ज्योति केंद्रो की स्थापना कर अनूठी पहल की। तो सरकार के इस प्रयास को सार्थक करने में आशा ज्योति केंद्र का स्टाफ भी कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला मेरठ के आशा ज्योति केंद्र से जुड़ा है।
दरअसल बीती 2 जनवरी को नौचंदी थाना क्षेत्र के हापुड़ अड्डे पर पुलिस को आसाम निवासी एक किशोरी बदहवास हालत में मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने उसे रात भर के लिए मेडिकल स्थित आशा ज्योति केंद्र में छोड़ दिया। केंद्र की प्रबंधक आरती के अनुसार किशोरी द्वारा बताए आसाम स्थित उसके शहर के संबंधित थाने पर कॉल की गई तो वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जिसके बाद आरती ने हिम्मत नहीं हारी और आसाम के डीजेपी के सीयूजी नंबर पर कॉल की। आरती ने बताया की आसाम के डीजीपी ने पूरी समस्या समझते हुए लगभग 10 मिनट किशोरी से फोन पर बात की। इसके बाद उसके शहर से संबंधित थाना पुलिस को इस मामले में तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए। जिसके बाद हरकत में आई आसाम पुलिस सोमवार को किशोरी के परिजनों को लेकर मेरठ के आशा ज्योति केंद्र पहुंची। किशोरी के परिजनों ने जिला प्रोबेशन अधिकारी शिवम कुमार गुप्ता सहित पूरी टीम को धन्यवाद दिया। पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि किशोरी को उसका पड़ोसी युवक शादी का झांसा देकर बहका फुसला कर लाया था और इसके बाद उसे सोनीपत में बेचकर फरार हो गया। आरती ने बताया कि उन्होंने गाजियाबाद के आशा ज्योति केंद्र पर संपर्क कर वर्षों से वहां रह रही दो अन्य किशोरियों को भी आसाम पुलिस की टीम के साथ उनके घर भिजवाया। वहीं सरकारी महकमों में महज अपनी ड्यूटी पूरी कर वेतन लेने वाले कर्मचारियों के लिए आरती ने एक मिसाल कायम की है।

89 Total Views 1 Views Today
  • Add a Comment

    Your email address will not be published. Required fields are marked *