डाक्टर के खिलाफ डीएम को ज्ञापन

मेरठ : मेडिकल कॉलेज में डाक्टर की लापरवाही से नजराना की नवजात पुत्री की आंखों की रोशनी चली गई। यह जांच में भी साबित हो गया है कि नवजात का इलाज कर रहे डाक्टर दोषी है, इसके बावजूद भी अभी तक डाक्टर के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई है। मंगलवार को इस मामले में जयभीम जय भारत समिति के दर्जनों कार्यकर्ता डीएम से मिले और ज्ञापन देकर आरोपी डाक्टर को बर्खाश्त करने व पीड़ित नजराना को मुआवजा देने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि डा. अमित उपाध्याय विभाग में फर्जी रसीद छपवाकर मरीजों से अवैध वसूली करते थे। उन्होंने यह भी बताया कि नजराना की नवजात शिशु को भर्ती करते समय फाइल पर डाक्टर अमित उपाध्याय का नाम अंकित है, जो कि मेडिकल कॉलेज की जांच में सिद्ध हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने मेडिकल कॉलेज में जूनियर डाक्टरों द्वारा आए दिन होने वाले आंदोलन की भी आलोचना की और कहा कि आंदोलन के कारण मरीजों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। जय भीम जय भारत समिति के कार्यकर्ताओं ने डीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि अगर डाक्टर को बर्खाश्त नहीं किया और नवजात बच्ची को इंसाफ नहीं मिला तो वह ऐसे डाक्टरों के खिलाफ हाईकोर्ट जायेंगे। डीएम जगतराज ने उचित कार्यवाही का भरोसा दिया है।

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