टीबी के जड़ से अंत हेतु जागरूकता जरूरी : बी चन्द्रकला

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मेरठ : विश्व टीबी दिवस के अवसर पर पुनरक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम एवं प्रोजेक्ट चेतना (सीपीएचएफटी) के संयुक्त तत्वाधान में जिला अस्पताल मेरठ परिसर में टीबी दिवस समारोह का आयोजन जिलाधिकारी बी चन्द्रकला की अध्यक्षता में किया गया। जिलाधिकारी बी चन्द्रकला ने टीबी दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि भविष्य की पीढी को टीबी जैसी भयानक एवं घातक रोग से सावधान रहना चाहिए यह बीमारी लाइलाज नहीं हैं, इसके बचाव के सभी उपायो का इस्तेमाल कर टीबी के लक्षणों से समय रहते आवश्यक जांच कराकर डाक्टर की सलाह से पूर्ण कोर्स करने के उपरान्त इसका जड़ से अंन्त किया जा सकता हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि ’’टीबी अब ओर नहीं’’ को फलीभूत करने के लिए सभी का जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने प्रोजेक्ट चेतना एक ऐसा कार्यक्रम है जिसके माध्यम से आमजनों को टीबी के लक्षण एवं उसके बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान जनपद में चलाया गया। उन्होंने कहा कि यह हर नागरिक का भी दायित्व है कि वह स्वंय इसके प्रति जागरूक होकर दूसरों को भी इसके प्रति जागरू करें। उन्होंने पब्लिक हेल्थ फाउडेशन टीम द्वारा 20 मार्च से 24 मार्च तक 5 दिवसीय टीबी सप्ताह में 01 लाख लोगों हस्ताक्षर अभियान की सराहना की तथा इसे आगे भी जारी रखने के निर्देश दिये।

उन्होंने बताया कि रार्बट काॅच ने 24 मार्च 1882 को टीबी के जीवाणु की खोज की और यह खोज टीबी को समझाने और इलाज में मील का पत्थर साबित हुई। उन्होंने कहा कि विश्व में प्रति वर्ष टीबी के लगभग 01 करोड़ नए मरीज सामने आते है जिसमें से एक चैथाई भारत में है। उन्होंने बताया कि टीबी के मरीज सभी वर्गो में मल रहे है परन्तु अन्य वर्गो की तुलना में मरीजों की संख्या कमजोर वर्गो जैसे शहरी झुग्गी-झोपड़ियो में रहने वाले व्यक्तियों, बाहर से आये मजदूर आदि में अपेक्षाकृत अधिक है।

उन्होंने बताया कि टी0बी0 के रोग को शहरी क्षेत्र की अधिक भीड़-भाड़, बढते शहरीकरण, खांसते व छींकते समय असावधानी, कुपोषण, तम्बाकू के सेवन एवं डायबटीज जैसे रोगेा से ओर बढावा मिलता है। उन्होंने बताया कि भारत ने आगामी 08 वर्षो में देश से टीबी को खत्म करने के लिए एक विशेष रणनीति बनाई गयी है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों द्वारा बनायी गयी पेटिंग्स को देखा तथा 05 स्कूलों के 15 बच्चों एवं प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर सीएमएस डा0 वी0के0 बंसल, एआईएमए के अध्यक्ष डा0 वीरोत्तम मोमर ने भी टीबी के लक्षण व उसके बचाव हेतु बरती जाने वाली सावधानियों के सम्बंध में विस्तार से प्रकाश डाला।

पब्लिक हेल्थ फाउण्डेशन के प्रतिनिधि ने बताया कि इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी चुनौती समय से टीबी के मरीजों को सामने लाने की है। उन्न्होंने बताया कि चेतना परियोजना का उद्देश्य लोगो में जागरूकता लाना है जिससे टीबी के मरीज समय से प्रशिक्षित डाक्टरर्स से पूरा इलाज करा सके।

उन्होंने बताया कि विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पब्लिक हेल्थ फाउडेशन आफ इण्डिया एवं जिला क्षय रोड नियंत्रण केन्द्र मेरठ के संयुक्त तत्वाधान में प्रातः 09 बजे देवनागरी कालेज से प्यारे लाल जिला चिकित्सालय तक एक जागरूकता रैली भी निकाली गयी, जिसमें 100 से अधिक बच्चों ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 वी0के0 सिंह, प्रभारी अधीक्षक डा0 प्रवीन कुमार बंसल, प्रभारी अधीक्षिका डा0 मंजू मलिक, उप जिला क्षय रोग अधिकारी डा0 पूजा शर्मा, आरएनटीसीपी से अजय सक्सैना, नेहा, सहित सम्बंधित अधिकारी एव गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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