मेरठ में कमिश्नर ने किया ऐतिहासिक नौचंदी मेले का विधिवत उदघाटन, जानिए इस बार की नौचंदी मेले में क्या रहेगा खास -

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मेरठ : जनपद के गौरव, ऐतिहासिक व उत्तर भारत के प्रसिद्ध नौचन्दी मेले का विधिवत उद्घाटन आयुक्त श्री आलोक सिन्हा ने गणेश वन्दना व शहीद द्वार पर फीता काटकर किया। तदोपरान्त महापुरूष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व डा भीमराव अम्बेडकर तथा भारत माता की प्रतिमाओं पर माल्यापर्ण किया गया तथा मेले के सफल आयोजन के लिए चण्डी देवी के मन्दिर पर पूजा तथा बालेमिंया की मजार पर दुआ व चादर चढाई गयी। इस अवसर पर शान्ति के प्रतीक गुब्बारे व सफेद कबूतरों को आकाश में उड़ाया गया। उन्होंने अधिकारियों एवं आम नागरिकों से कहा कि इस वर्ष के मेले को स्वच्छता नौचन्दी मेले के रूप में आयोजित करें। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती सीमा प्रधान, अपर जिला मजिस्ट्रेट नगर मुकेश चन्द्र व उपजिलाधिकारी सदर अरविन्द सिंह सहित विभिन्न गणमान्य लोग, पार्षद, मेला समिति के सदस्य, व आमजन उपस्थित रहे।

इस अवसर पर बोलते हुए मण्डलायुक्त श्री आलोक सिन्हा ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध नौचन्दी मेला करीब 131 वर्ष पुराना है और कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि मेले का तीसरी बार उद्घाटन करने का अवसर उन्हे प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मेला व्यापार व मनोरंजन के अवसर प्रदान करता है तथा परम्परागत सांस्कृतिक गतिविधियों का केन्द्र होता है। उन्होंने कहा कि मेरठ व नौचन्दी मेला एक दूसरे के पूरक है। उन्होंने कहा कि मेरठ को विश्व पटल पर नौचन्दी मेले के नाम से ही जाना जाता है। मण्डलायुक्त ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि वह इस मेले की गरिमा को बनायें रखने के लिए जिला पंचायत व नगर निगम के समन्वय से मेले की भूमि को सिक्योर कर इसकी ब्रउण्ड्रीवाल करायी जायें तथा मेले का एक स्थायी स्ट्रक्चर भी विकसित किया जाए जिससे मेले की भूमि का उपयोग करते हुए पूरे वर्ष किसी न किसी आयोजनों के रूप में किया जाता रहे। उन्होंने बताया कि नौचन्दी मेले में स्थापित पटेल मण्डल का जीर्णोद्धार कर उसमें सभी सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए मेरठ विकास प्राधिकरण को 1.25 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है। उन्होंने कहा कि मेले में स्थापित विभिन्न महापुरूषों की प्रतिमाओं को एक शहीद स्मारक के रूप में स्थान चिन्हित कर स्थापित कराया जाए।

उन्होंने कहा कि मेले की आर्थिक नीब को मजबूत बनाने और इसमें पर्यटकों की आने की रूचि को बढाने के लिये मेले को युवाओं की महत्वाकाक्षाओं को देखते हुए आधुनिक तौर पर विकसित करें। आयुक्त ने उपस्थित जनों को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसी भी चीज या मेले की सुन्दरता वहां की स्वच्छता एवं साफ-सफाई से और अधिक अच्छी लगती है इसलिए मेले में आने वाले सभी नागरिकों को अपना यह दायित्व समझाना चाहिए यह मेला उनकी विरासत धरोहर है जिसें स्वच्छ और साफ रखकर कुशलता पूर्वक सम्पन्न कराना है। उन्होंने कहा कि नौचन्दी मेले को स्वच्छता नौचन्दी मेले के रूप में लगायें ताकि लोग यहां आकर स्वच्छता के प्रति अधिकाधिक जागरूक होकर स्वच्छता के अभियान को गति प्रदान कर सके।

अपर जिलाधिकारी नगर मुकेश चन्द्र ने कहा कि वार्षिक नौचन्दी मेला मेरठ के इतिहास से जुड़ा है तथा यह सांस्कृतिक विरासत को आगे ले जाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि मेले के आयोजन में जिला प्रशासन का पूर्ण सहयोग रहेगा तथा किसी भी स्तर पर कोई कमी नही आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मेले में विभिन्न राज्यों व प्रदेश के अन्य जनपदों से विभिन्न जाति धर्म व वर्ग के लोग आकर मेले का आन्नद लेते है तथा एक सकारात्मक संदेश लेकर जाते है। उन्होंने कहा कि मेला साम्प्रदायिक सदभाव की एक अनूठी मिसाल है।

जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती सीमा प्रधान ने कहा कि मेला काफी प्रचीन है तथा हिन्दु मुस्लिम एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पहले जिला पंचायत मेले का आयोजन करता था तथा बाद में निगम के सीमा विस्तार के बाद एक वर्ष नगर निगम व एक वर्ष जिला पंचायत मेले का आयोजन करता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मेंले में सभी मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा तथा इसको इस प्रकार से लगाया जाएगा कि मेले में पर्यटक अधिक से अधिक आयें। उन्होंने कहा कि मेले में स्थायी व अस्थायी स्टाॅल लगाये जायेंगे जिसमें विभिन्न व्यंजन, मनोरंजन के साधन, विभिन्न वस्तुओं की दुकाने आदि होगी।

इस अवसर पर जादूगर बी सम्राट द्वारा जादुई प्रस्तुति दी गयी तथा विभिन्न सास्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। इस अवसर पर अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत शिशु पाल शिर्मा, अभियंता जिला पंचायत प्रशान्त गुप्ता सहित मेला समिति के सदस्यगण, गणमान्य लोग व आमजन उपस्थित रहे।

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