डीएम ने ली पशु चिकित्सकों की कार्यशाला

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मेरठ : राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 2016-17 के अन्तर्गत ग्लैण्डर्स एवं फारसी रोग सर्विलान्स क्रियान्वयन हेतु जिला पशुपालन विभाग के तत्वाधान में चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित बृहस्पति भवन सभागार में पशु चिकित्साधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन जिलाधिकारी बी.चन्द्रकला ने दीप प्रज्जवलित कर किया। जिलाधिकारी ने पशु चिकित्साधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि वे इस प्रशिक्षण में ग्लैण्डर्स एवं फारसी बीमारी के सर्विलेन्स नियन्त्रण, रोग के लक्षण, पहचान एवं रोकथाम आदि के संबध में विस्तृत जानकारी लेकर तथा बीमारी के सभी पहलुओं पर अध्ययन कर सैम्पिलिंग/उपचार की कार्यवाही सुनिष्चित करें तथा सैम्पिलिंग लेते समय स्वंय भी विशेष सर्तकता बरतें। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारियों को जनपद में सैम्पिलिंग कार्य हेतु कार्ययोजना तैयार कर ग्लैण्डर्स/फारसी बीमारी के गांववार सबसे पहले घोडो/खच्चरो को चिन्हित कर गम्भीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि ग्लैन्डर्स बीमारी से प्रभावित पशुओं की प्रयोगशाला द्वारा पुष्टि होने पर पशु कलिंग हेतु पशुपालक को घोडों के लिए 25 हजार रूपये प्रति तथा टट्टू/खच्चर/गधा के लिए 16 हजार रूपये प्रति पशु का मुआवजा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि यह मुआवजा स्कैड योजना के अन्तर्गत दिया जाता है।

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