सपा कार्यकाल में किया था करोड़ों का घपला, भाजपा सरकार आते ही लेन-देन की हजारों फाइलों को थी ठिकाने लगाने की तैयारी, लेकिन…

During-the-tenure-of-the-SP,-it-was-a-scam,-when-the-BJP-government-came-in,-thousands-of-files-were-filed-for-the-transaction,-but-the

मेरठ : मंगलवार को जिला सहकारी बैंक के मुख्यालय से बैंक बंद होने के बाद हजारों फाइलों को आइसर कैंटर में ले जा रहे कुछ लोग मीडियाकर्मियों के आने पर भाग खडे़ हुए। कैंटर का चालक भी मौके से फरार हो गया। चर्चा है कि सपा कार्यकाल के बैंक में लोन के नाम पर करोड़ो के घपलों और अन्य मामलों से जुड़ी फाइलों को भाजपा सरकार के सत्तासीन होते ही हटाया जा रहा था, लेकिन मामला खुल गया। वहीं बैंक के चेयरमैन ने उक्त फाइलों को रद्दी के टुकड़े बताया है, लेकिन यदि वह रद्दी है तोे कार सवार और कैंटर का चालक उसे छोड़कर भागे इसका जवाब उनके पास नहीं है।
दरअसल, मंगलवार की शाम पांच बजे के बाद कुछ मीडियाकर्मी कचहरी चौराहा स्थित काॅआपरेटिव बैंक के मुख्य कार्यालय के पास के गुजर रहे थे। इसी बीच उन्होंने बैंक के बाहर लग्जरी कार खड़ी देखी जिसकी देखरेख में बैंक से एक आइसर कैंटर बाहर निकल रहा था। बैंक बंद होने के बाद वहां से गाड़ी निकलती देख मीडियाकर्मियों को शक हुआ, उन्होंने जैसे ही कैमरे बाहर निकाले कार सवार मौके से फरार हो गए। मीडियाकर्मियों ने कैंटर ले जा रहे चालक से पूछताछ की तो वह भी कैंटर छोड़कर नौ दो ग्यारह हो गया। मामले की जानकारी मिलने पर मौके पर भीड़ लग गई। बताते चलें कि काॅआपरेटिव सोसायटी के चेयरमैन सपा के जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह हैं। चर्चा है कि गाड़ी में वो फाइलें थीं, जिनमें सपा सरकार के दौरान लोन और अन्य मामलों को लेकर करोड़ो की गड़बड़ की गई है। इन फाइलों को मौके से हटाकर पिंड छुड़ाने का प्रयास किए जाने की चर्चाएं हैं। वहीं सपा जिलाध्यक्ष और बैंक के चैयरमैन जयवीर सिंह का कहना है कि गाड़ी मेें रद्दी थी। सवाल यह है कि यदि गाड़ी में रद्दी थी तो उसे बैंक का समय समाप्त होने के बाद क्यों ले जाया जा रहा था और कार सवार युवक और गाड़ी का चालक क्यों फरार हो गए।

इन्होंने कहा
आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार बैंको में दस वर्ष पुराना रिकाॅर्ड हटाने के निर्देश हैं। जबकि बैंक में वर्ष 2000 तक का रिकाॅर्ड सुरक्षित था। इसी के चलते वर्ष 2010 से रद्दी फाइलों को हटाने की प्रक्रिया चल रही है। जिसके लिए बाकायदा नीलामी करके सहारनपुर की फर्म को टेंडर को छोड़ा गया था। अब तक चार-पांच गाड़ी कबाड़ मौके से हटाया जा चुका है। मीडियाकर्मियों के पहुंचने के बाद मैंने खुद गाड़ी को रूकवाते हुए डीएम को पत्र लिखवाकर इसकी जांच कराए जाने की मांग की। वहीं एसएसपी को पत्र लिखवाकर बैंक परिसर में खड़ी गाड़ी की सुरक्षा की मांग की है, जिससे यह आरोप न लग सके कि मैंने रातोरात फाइलें बदलवा दीं। गाड़ी में रद्दी के सिवाय कुछ नहीं है। मैं खुद मामले की जांच चाहता हूं, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।
जयवीर सिंह बैंक चेयरमैन और सपा जिलाध्यक्ष

2468 Total Views 1 Views Today
  • Add a Comment

    Your email address will not be published. Required fields are marked *