उल्देपुर में जातीय संघर्ष, एक की मौत, कई घायल, फोर्स के साथ अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

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मेरठ : गंगानगर थाना क्षेत्र के उल्देपुर गांव में अनुसूचित जाति और राजपूत समुदाय के युवकों के बीच बुधवार को हुए मामूली विवाद ने ब्रहस्पतिवार को खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। जिसमें एक युवक की मौत हो गई और कई घायल हो गए। जिसके बाद लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। घटना के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे आलाधिकारियों ने मोर्चा संभालते हुए पांच बवालियों को हिरासत में लिया है।
जानकारी के अनुसार गांव के निवासी अनुसूचित जाति के तीन युवक बुधवार की रात मोदीपुरम से कांवड़ की झांकी देखकर वापस लौट रहे थे। आरोप है गांव में घुसते ही राजपूत समाज के कुछ युवकों ने उन्हें रोककर उनकी पिटाई कर दी। जिससे बाद दोनों पक्षों के बड़े-बुजुर्गो ने उन्हें समझाते हुए मामला शांत कर दिया। आरोप है कि अनुसूचित जाति के लोगांे ने रात को प्लानिंग करते हुए सुबह होते ही राजपूतों की बस्ती में कृष्ण चैहान के घर पर हमला बोल दिया। जिसके बाद दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। इस दौरान करीब आधा घंटे तक दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। संघर्ष में अनुसूचित जाति के रोहित पुत्र देवेन्द्र, अनुज, रवि और विनोद सहित दोनों पक्षों से एक दर्जन लोग घायल हो गए। जिसमें रोहित की मौत हो गई। घटना से गुस्साए अनुसूचित जाति के ग्रामीणों ने रोहित के शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सीओ सदर देहात जितेन्द्र सरगम, सीओ दौराला पंकज सिंह कई थानों की फोर्स और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश देते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसडीएम सदर निशा अनंत भी मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीण सभी बवालियों की गिरफ्तारी न होने तक सड़क से हटने को तैयार नहीं थे। जिस पर पुलिस ने लाठियां फटकारते हुए लोगों को सड़क से खदेड़कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मौके पर पीएसी और आरएफ तैनात कर दी गई है।

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