घर में अकेली थी आवास विकास के अधिशासी अभियंता की पत्नी, दो युवकों ने किया ये हाल

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मेरठ : नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में आवास विकास कार्यालय परिषद कार्यालय के सामने स्थित अधिशासी अभियंता सरकारी आवास को बदमाशों ने दिनदहाड़े निशाना बनाया। बदमाशों ने घर में अकेली अधिशासी अभियंता की पत्नी को बंधक बनाकर लाखों की ज्वैलरी और नगदी लूट ली। बिना किसी हथियार के मात्र आधे घंटे में वारदात को अंजाम देकर बदमाश फरार हो गए। बाद में मौके पर पहुंचे सीओ सिविल लाइन और थाना पुलिस के साथ फारेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए पीड़ितों से जानकारी की, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा। बदमाशों ने जिस प्रकार घटना को अंजाम दिया है, उससे वारदात के पीछे सटीक मुखबिरी या किसी करीबी का हाथ होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

शास्त्रीनगर में आवास विकास परिषद कार्यालय के सामने चंद कदम की दूरी पर आवास विकास के निर्माण खंड पांच में कार्यरत प्रमोद कुमार अपने परिवार के साथ सरकारी आवास के मकान नंबर 11/8 में रहते हैं। प्रमोद के अनुसार सोमवार की दोपहर रोज की तरह करीब दो बजे वह लंच करने घर आए थे। घर पर उस समय उनका रिश्ते का साला सेक्टर दो शास्त्रीनगर निवासी गोलू भी मौजूद था। घर पर पत्नी अरूण और गोलू के साथ उन्होंने खाना खाया। इसके बाद दोपहर करीब दो बजकर चालीस मिनट पर वह खाना खाकर घर से चले, जाते समय गोलू को सब्जी के पैसे देकर कुटी चौराहे से सब्जी लाने भेज दिया। प्रमोद कुमार की पत्नी अरूण के अनुसार गोलू के जाने के बाद वह घर के पीछे आंगन में पलंग पर लेट गर्इं, धूप महसूस होने पर वह पीछे स्थित बेडरूम में जाकर लेट गर्इं। इसी दौरान मुंह पर रूमाल बांधे दो बदमाश घर में दाखिल हो गए। बदमाशों ने अरूण को संभलने का मौका दिए बिना उन्हीं के दुपट्टे से उनके हाथ पांव और मुंह बांध दिये। अरूण के साथ मारपीट करते हुए बदमाशों ने उनके गले की चेन, हाथों के कड़े और अंगूठियां उतरवा लीं। इसके बाद बदमाशों ने उनके मुंह पर गद्दा गिरा दिया। बदमाशों के खतरनाक इरादे को भांपते हुए अरूण ने बेहोशी का नाटक कर दिया और चुपचाप घर में चल रही लूट को देखती रहीं। बदमाशों ने दूसरे कमरे में रखी सेफ और बेड को खंगालते हुए सेफ में रखी नगदी और ज्वैलरी लूट ली। इसके बाद दूसरे कमरे में रखे दीवान और ड्राइंगरूम को भी खंगाला और सारा सामान तितर-बितर कर दिया। बदमाश करीब आधे घंटे से भी कम समय घर में रहे और चार कमरों को खंगालते हुए लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद साहस दिखाते हुए अरूण मेनगेट पर पहुंची और शोर मचाकर आसपास के व्यापारियों और क्षेत्र के लोगों को घटना की जानकारी दी। अरूण के कॉल करने पर बदहवास अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार और आवास विकास के कई कर्मचारी मौके पर पहुंंचे। इसी बीच गोलू को भी कॉल करके अरूण ने वापस बुला लिया। मामले की जानकारी मिलने पर इंस्पेक्टर नौचंदी एसके राणा और सीओ सिविल लाइन रीतेश कुमार भी घटना स्थल पर पहुंचे। काफी संभलाने के बाद बदहवास महिला ने बताया कि बदमाशों की उम्र से पच्चीस से तीस वर्ष थी। दोनों मुंह पर रूमाल बांधे हुए थे। महिला के अनुसार बदमाशों ने पूरे मकान को खंगाला जरूर, लेकिन उनके निशाने पर मुख्यत: वही सेफ रही जिसमें गहने और नगदी थी। उधर, घटना के बाद मौके पर पहुंचे फारेंसिक विभाग की टीम ने फिंगर प्रिंट उठयाये, लेकिन कुछ खास हाथ नहीं लगा। डॉग स्क्वायड का खोजी कुत्ता भी घर से सड़क तक आकर ठहर गया, जिससे प्रतीत हो रहा है कि बदमाश किसी वाहन से आए थे और वारदात को अंजाम देकर वाहन पर सवार होकर फरार हो गए। वहीं आसपास के दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने किसी को नहीं देखा, जिससे जाहिर है कि बदमाश वाहन को कहीं अलग खड़ा करके प्रमोद के घर से जाने का इंतजार कर रहे थे। प्रमोद और गोलू के घर से जाते ही वह भीतर दाखिल हो गए और लूट कर डाली। पीड़ित अधिशासी अभियंता ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर देते हुए लूटे गए माल का खुलासा नहीं किया है, लेकिन लाखों की ज्वैलरी और कैश लूटे जाने की चर्चा है।

दो माह से छुट्टी पर है नौकर
प्रमोद कुमार के रिश्ते के साले गोलू ने बताया कि प्रमोद मूलत: देहरादून के निवासी हैं, और पिछले करीब दो वर्षो से मेरठ में तैनात हैं। उनकी पत्नी अरूण शारिरिक रूप से अस्वस्थ हैं, इसीलिए उन्होंने सरकारी आवास भी कार्यालय के निकट लिया था, जिससे अरूण की देखभाल कर सकें। वहीं अरूण के देखरेख के लिए गोलू और उसके परिवार के लोग भी अक्सर उनके घर आते रहते हैं। दंपत्ति की दो संतान हैं, पुत्री अर्णिका बेंग्लोर की एक कंपनी में इंजिनियर है, जबकि पुत्र अंशुल दिल्ली से आईआईटी कर रहा है। कुछ दिन से अंशुल छुट्टी पर आया हुआ था, दो दिन पूर्व ही प्रमोद अपने पुत्र अंशुल को दिल्ली छोड़कर आए हैं। देहरादून के विकासनगर का निवासी अंकित पिछले काफी समय से प्रमोद के घर नौकरी करता है, लेकिन पिछले दो माह से वह अवकाश पर अपने घर गया हुआ है।

चलती सड़क और बराबर में सेवानिवृत्त एसपी भी न रोक सके बदमाशों के कदम
जिस स्थान पर प्रमोद कुमार का सरकारी आवास है, वह काफी चहल-पहल वाला इलाका है। घर के सामने कई दुकाने हैं, जिन पर अक्सर लोगों का आवागमन लगा रहता है। वहीं प्रमोद के आवास के बराबर स्थित 10/8 में पुलिस विभाग के रिटायर एसपी नरेशपाल यादव का घर है। उधर चंद कदम पर सेक्टर दो और नौ के चौराहे पर अक्सर पुलिस तैनात रहती है। बदमाशों के बेखौफ हौसले का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पूरे शातिराना तरीके से बिना किसी हथियार का इस्तेमाल किए इतने चहल-पहल वाले इलाके में लूट को अंजाम दिया। इस दौरान उन्हें एक बार भी पकड़े जाने पर अपने साथ होने वाले अंजाम का इल्म नहीं हुआ। पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि बदमाश यह अच्छी तरह से जानते थे कि इस समय मौके पर मौके पर कोई मौजूद नहीं मिलेगा। इससे जाहिर है कि बदमाश सटीक मुखबिरी से घर में दाखिल हुए, फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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