प्रेमिका के परिजनों ने दो प्रेम दीवानों की हत्या कर खेत में फेंके शव

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मेरठ : प्रेमियों की कत्लगाह बन चुके वेस्ट यूपी के जानी थाना क्षेत्र में रविवार का दिन दो प्रेम दीवानों पर कहर बनकर टूटा। दो वर्षो से एक-दूसरे से शादी करने की जिद पर अड़े एक युगल के शव ईख से खेत से बरामद हुए। मौके पर हंगामा करते हुए मृतक युवक के परिजनों ने युवती पक्ष दोनों की हत्या का आरोप लगाया है। कातिल दोनों की हत्या गोली मारकर करने के बाद मौके पर एक तमंचा भी फेंक गए, जिससे लगे कि दोनों ने खुदकुशी की है। लेकिन पुलिस को मौके से एक भी खाली कारतूस बरामद नहीं हुआ, जिससे यह साबित हो सके कि दोनों ने खुदकुशी की है। अनुमान लगाया जा रहा है कि किसी और तमंचे से हत्या करने के बाद कातिल चतुराई दिखाते हुए मौके से खाली कारतूस तो समेट कर ले गए, लेकिन जो तमंचा शव के करीब फेंककर गए, उसमें कोई खोखा बरामद न होने से कातिलों की चाल कामयाब न हो सकी।

कलंजरी निवासी श्रीपाल कश्यप के पुत्र संदीप की गांव के बाहर खेत में चक्की थी। परिजनों के अनुसार, संदीप का गांव के रहने वाले धनपाल जाटव की पुत्री ललिता से पिछले दो वर्षो से प्रेम प्रसंग चल रहा था। श्रीपाल के अनुसार दोनों के अलग-अलग बिरादरी के होने के कारण ललिता के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे, इसके बावजूद संदीप और ललिता का मेलजोल जारी रहा। रविवार को संदीप का भांजा अनुज उसका खाना लेकर चक्की पर गया था, लेकिन वहां संदीप नहीं मिला। अनुज के अनुसार ललिता का पिता धनपाल भी वहां पहुंचा और ललिता के विषय में पूछताछ शुरू कर दी। अनुज ने घर जाकर परिजनों को बताया तो सभी लोग संदीप को खोजते हुए चक्की के बराबर में स्थित चरण सिंह के ईख के खेत में पहुंचे। खेत के भीतर संदीप और ललिता के खून से लथपथ शव पड़े देख उनकी चीख निकल गई। घटनास्थल पर खून बिखरा हुआ था और दोनों शवों के निकट एक तमंचा पड़ा था। घटना की जानकारी मिलने पर सीओ सरधना चंद्रपाल और इंस्पेक्टर जानी सहित फोर्स मौके पर पहुंच गई। बाद में फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई।

इसी बीच युवक और युवती के परिजनों का मौके पर जमावड़ा लग गया। युवक के परिजनों ने युवती के पिता धनपाल और चाचा चतरू पर दोनों की हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू किया तो युवती पक्ष के लोग मौके से खिसक गए। पुलिस ने शवों की जांच पड़ताल की। दोनों को एक-एक गोली मारी गई थी। संदीप की कनपटी के ऊपर तो ललिता की कनपटी के नीचे गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस को मौके से कोई खाली कारतूस बरामद नहीं हुआ, वहीं शवों के निकट बरामद हुए तमंचे में भी कोई खाली खोखा नहीं मिला। जिससे जाहिर है कि जो तमंचा शवों के पास से बरामद हुआ है, उससे गोली नहीं चली। फिलहाल पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी कर रही है। दोपहर बाद तक घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। मृतक संदीप का एक विवाहित बड़ा भाई है, वहीं ललिता दस बहनों में चौथे नंबर की ललिता का कोई भाई नहीं है।

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