बाल्मीकि समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र

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मेरठ : बाल्मीकि समाज से जुड़े सफाई मजदूरों ने स्थानीय निकायों में होने वाली संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती में आरक्षण समाप्त करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के बेनर तले नगर पालिका में धरना प्रदर्शन के बाद मुख्य मंत्री के नाम पे्रषित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा, जिसमें चेतावनी दी गई की यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो बाल्मीकि समाज सड़कों पर उतारने पर मजबूर होगा। सरधना नगर पालिका प्रांगण में एकत्रित बाल्मीकि समाज से जुड़े सफाई कर्मियों ने स्थानीय निकायों में होने वाली संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती में प्रदेश से आरक्षण समाप्त करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के बेनर तले धरना प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कारियों का कहना था की वर्ष 2006 व 8 में की गई संविदा व बैकलॉक की भर्ती में शामिल गैर बाल्मीकि समाज के कर्मचारी सफाई कार्य नहीं करते है। जिसके संबंध में अनेक संगठन इसका विरोध करते चले आ रहे है। लेकिन आज तक कोई कार्यवाई नहीं हो सकीय है। बताया गे की जिस समय संविदा सफाई कर्मियों का वेतन मान 2130 रूपये था उस समय दूसरे समाज के लोग भर्ती में शामिल नहीं हुए थे अब वेतन मान 15 हजार से ऊपर होते ही दूसरे समाज के लोगों में होड़ सी लग गई है। दूसरे समाज के लोग जो सफाई कर्मी के नाम पर भर्ती होते है और कार्य दफ्तरों करते है तो उसे लेकर बाल्मीकि समाज में रोष है। यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो बाल्मीकि समाज सड़क पर उतर कर विरोध करने पर मजबूर होगा। बाल्मीकि समाज के लोग जुलूस के रूप में अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुभाष चांवरिया के नेतृत्व में तहसील परिसर पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम प्रषित ज्ञापन उपजिलाधिकारी कुमार भूपेन्द्र सिंह को सौंपा। इस अवसर पर पूर्व सभासद राम मोहन बाल्मीकि, पूर्व सभासद महिपाल बाल्मीकि, शुगन चंद, मोहनवीर, अशोक कुमार, नीरज टांक, वेदप्रकाश, दिनेश, राहुल आदि मुख्य रूप से शामिल रहे।

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