पटाखों के धुओं से होने वाले नुकसान के प्रति आमजन को करें जागरूक : समीर वर्मा

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मेरठ : जिलाधिकारी समीर वर्मा ने आज जनपद के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनपद मे जिला मजिस्ट्रेट विस्फोटक नियम 2008 के अन्तर्गत ही पटाखों की ब्रिकी की दुकानों को अनुमति दें। तथा यह भी सुनिश्चित करें कि घोषित साईलेंस जोन में पटाखें न छोड़े व न बिके। उन्होंनें अधिकारियों से कहा कि वह दीपावली पर्व पर पटाखों के धुओं से होने वाले नुकसान के प्रति आमजन को जागरूक करें।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र जिसमें मेरठ जनपद भी है में दीपावली के बाद वायु प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए स्थायी लाईसेंस धारकों द्वारा आतिशबाजी की बिक्री मा0 सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों तथा विस्फोटक नियमांे के अनुरूप हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि वह स्थायी लाईसेंस धारकों से मा0 उच्च न्यायालय के आदेशों को अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश प्राप्त हुए, इसलिए सम्बंधित अधिकारी स्थायी लाईसेंसों के सम्बंध में नवीनीकरण व अन्य किसी भी प्रकार की कार्यवाही विस्फोटक अधिनियम 1884 एवं विस्फोटक नियम 2008 के प्राविधानों के अनुसार तथा मा0 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुक्रम मंे ही करें।

उन्होंनें अधिकारियों से कहा है कि आतिशबाजी के विक्रय के लिए अस्थायी दुकानों की अनुमति देने से पूर्व यह सुनिश्चित करें कि आतिशबाजी अज्वलनशील शेड में रखें, अनाधिकृत व्यक्ति शेड मंे न जायें। दुकाने तीस व पचास मीटर की दूरी पर हो, आमने सामने न हों, शैड में तेल से जलने वाले लैंप, गैेस, खुली बत्तियों का उपयोग न हो। दुकनों पर लगाये जाने वाले विद्युत कनेक्शनों का एक मुख्य स्विच भी हो। एक समूह मे 50 से अधिक दुकाने न हो। जिलाधिकारी अधिकारियों से कहा कि जिला मजिस्ट्रेट विस्फोटक नियम 2008 के उपरोक्त नियम 15 व 84 तथा आयुध नियम 2008 के अन्य प्राविधानों का अनुपालन शत प्रतिशत हो।

उन्होंने कहा कि दुकानों पर केवल वही पटखों का विक्रय हो, जो पीईएसओ द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप हो। उन्होंने अधिकारियो से कहा कि वह जनपद में ध्वनि प्रदूषण नियम 2000 का शत प्रतिशत अनुपालन करायें और देखे की घोषित साईलेंस जोन ( अस्पताल, प्राथमिक व जिला हेल्थकेयर, शैक्षणिक संस्थान, न्यायालय, धार्मिक स्थल व अन्य घोषित क्षेत्र), के 100 मीटर के अन्दर पटाखों न फोड़े जायें।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह सुनिश्चित करे कि आतिशबाजी पर चिन्हांकन आतिशबाजी की दशा में मद का नाम, विनिर्माता का नाम, चलाने की विधि और ली जाने वाली पूर्वावधनिया इंगित करने वाली चेतावनी शब्दों तथा चित्रात्मक रूप दोनो में पटााखें के प्रत्येक हिस्से और बाॅक्स पर मुद्रित हो।

उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक/जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि वह शैक्षणिक संस्थाओं में बच्चों को पटाखों के दुष्प्रभावों के सम्बंध में अवगत कराये। उन्होंने सीएमओं को निर्देश दिये कि वह पटाखों के धुओं से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलायंे।

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