मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हुए कई निर्णय

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मेरठ : आयुक्त सभागार में मेरठ व गाजियाबाद की मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी मेरठ अनिल ढींगरा ने वाहन संचालन के सम्बध में एनजीटी के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने सभी टोल पर इमरजेंसी सर्विसेस के लिए स्पेशल लेन व राष्ट्रीय मार्ग पर पड़ने वाले स्कूल व कालेजों के बाहर स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए निर्देशित किया। उन्हांेंने अधिकारियों को यातायात के सम्बंध में चार ई-शिक्षा, इमरजेंसी, प्रवर्तन व इंजीनियरिंग का ध्यान रख कार्य करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर मा0 मुख्यमंत्री स्वंय राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता कर निगरानी करते है।
ज्ञात हो कि आयुक्त अनीता सी मेश्राम व पुलिस महानिरीक्षक को आवश्यक शासकीय कार्य के लिए जनपद बुलन्दशहर जाना पड़ा। आयुक्त के निर्देश पर मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी मेरठ अनिल ढींगरा ने कहा कि गढ रोड़ व हापुड़ रोड राष्ट्रीय राजमार्ग में आने पर स्कूल के बाहर दुर्घटनाओं की सम्भावनाओं को कम करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग में पड़ने वाले स्कूल व काॅलेजों के पास स्पीड ब्रेकर बनाना अति आवश्यक है इसके लिए एनएचएआई व शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश आरटीओं को दिये।
जिलाधिकारी ने आरटीओ व एनएचएआई के प्रतिनिधि को निर्देशित किया कि सभी टोलों पर इमरजेंसी सर्विसेस के लिए स्पेशल लेन बनायी जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि पेट्रोल व डीजल वाहन संचालन के सम्बंध में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि रोडवेज व प्राईवेट बसें बस अडडे व नियत स्टाॅपेज पर ही रूके, बीच सड़क में न रूके इसको सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद मेरठ में आईटीआई साकेत में 4.46 करोड़ रूपये की लागत से रीजनल ड्रांईविंग टेस्टिंग सेन्टर बनाया जा रहा है जो दिसम्बर 2019 तक पूर्ण होकर जनवरी 2020 से कार्य करना प्रारम्भ कर देगा। उन्होंने बताया कि जनपद गाजियाबाद में भी रीजनल ड्रांईविंग टेस्टिंग सेन्टर बनाया जाएगा।जिलाधिकारी ने नषे में वाहन चलाने वाले, बिना सीट बैंल्ट के वाहन चलाने व वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लायी जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सिटी बस व रोडवेज के ड्राइवरों के लिए यूनिफार्म उपलब्ध कराने के लिए शासन से पत्राचार किया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि सरकारी बस अडडों में बसों में निर्धारित सीमा से अधिक का माल न जाये यह सुनिश्चित किया जाए तथा उसके साथ बिल भी आवश्यक रूप से होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने संयुक्त निदेशक शिक्षा को निर्देशित किया कि वह विद्यालयों से यातायात नियमों को जानने के लिए विद्यार्थियों को देवनागरी इंटर कालेज में स्थापित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में भेजे ताकि बच्चें वहां से नियम कानून जानकर अपने माता पिता व आस पड़ोस के लोगो को यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में वाहनों के स्वस्थता प्रमाण पत्र निर्गत करने हेतु जांच एवं प्रमाणीकरण केन्द्र तथा चालकों के टेस्ट हेतु आॅटोमेटिक ड्रांइविंग टेस्टिंग ट्रैक की स्थापना के लिए 05 एकड़ भूमि निषुल्क उपलब्ध करायी जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी नेक व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाकर उसकी सहायता करता है ऐसे नेक व्यक्ति से ज्यादा पूछताछ न की जाए।
आरटीओ डा0 विजय कुमार ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 के अन्तर्गत सड़क सुरक्षा की त्रिस्तरीय व्यवस्था की गयी है जिसमें राज्य स्तरीय समिति, मण्डल स्तरीय समिति व जिला स्तरीय समिति है, जिसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट की कमेटी व मा0 मुख्यमंत्री द्वारा की जाती है। उन्होंने बताया कि मण्डल के सरकारी व प्राईवेट स्कूलों में 60 रोड सेफटी क्लब बनायें जा चुके है जिसमें मेरठ में 30, गाजियाबाद में 20 व बागपत में 10 है। इन क्लबांे के माध्यम से विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाता हैं।
आरटीओ डा0 विजय कुमार ने बताया कि मण्डल में 75 ब्लैक स्पाॅट थें जिसमें मेरठ में 11, बागपत में 10, गाजियाबाद में 16, गौतमबुद्धनगर में 11, बुलन्दशहर में 16 व हापुड़ में 11 थे। इस सभी ब्लैक स्पाॅटों पर सुधारात्मक कार्रवाई पूर्ण की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 500 मीटर की दूरी में दुर्घटनाओं व मृत्यु की संख्या के आधार पर ब्लैक स्पाॅट चिन्हित किये जाते है।
आरटीओ प्रवर्तन गाजियाबाद बीके सिंह ने बताया कि गाजियाबाद परिवहन प्राधिकरण में गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलन्दशहर व हापुड़ तथा मेरठ परिवहन प्राधिकरण में मेरठ व बागपत जनपद आते हैं। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद परिवहन प्राधिकरण द्वारा 01 अप्रैल से 30 नवम्बर 2018 तक हैलमेट न पहनने पर 14406, सीट बैल्ट न लगाने पर 9886 चालान किये है।
आरटीओ प्रवर्तन मेरठ ओपी सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना कारण व निवारण विषय पर स्क्ूलों में भाषण प्रतियोगिता करायी गयी, 05 दिसम्बर को मण्डल स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति में प्रर्यवेक्षण, अनुश्रवण किया जाता है तथा राज्य स्तर की समिति को सुझाव भी प्रेषित किये जा सकते हैं।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेष कुमार, अपर आयुक्त रजनीश राॅय, उपाध्यक्ष एमडीएम साहब सिंह, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा0 अखिलेश अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक यातायात मेरठ संजीव वाजपेयी, एसडीएम बागपत गुलशन कुमार, आरटीओ मेरठ डा0 विजय कुमार, आरटीओ प्रषासन ओपी सिंह, मुख्य अभियंता एमडीएम दुर्गेष श्रीवास्तव, सहायक निदेष बेसिक ए0के0 सिंह, मिशिका सोसाइटी के अमित नागर, संयुक्त व्यापार ंसघ के विपुल सिंघल, ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष गौरव शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं एनजीओ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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