मौत का सामान, ख़तरे मे जान


मेरठ शहर में अभी हाल में ही थाना टी0पी0 नगर क्षेत्र के अन्तर्गत साहनी काम्पलैक्स में स्थित एक कैमिकल फैक्ट्री में आगजनी की घटना हुयी है जिसके बाद मेरठ ग्लोब न्यूज़ की टीम ने जानना चाहा कि आखिर क्या है कानून ऐसी कैमिकल फैक्ट्रियों और गैस गोदामों के सम्बन्ध में जो घनी आबादी के बीच स्थित है क्योंकि कभी भी आगजनी/विस्फोट/गैस रिसाव की घटना घटने पर हो सकती है भंयकर जान माल की हानि। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि पहले भी कई ऐसी भीषण दुर्घटनाएँ हो चुकी है।
हमनंे बात की एडवोकेट रजनीश कौर तलवार से जिन्होंने हमें दी कानूनी जानकारी ऐसे गैस गोदामों और कैमिकल फैक्ट्रियों के सम्बन्ध में जिनके चलते कभी भी हो सकती है जान माल की हानि।

प्रस्तुत है उनसे बातचीत के दौरान पूछे गये कुछ मुख्य सवाल और उनके जवाब।

1. उक्त वर्णित घटनाओं के लिये प्रशासन की क्या जिम्मेदारी व जवाबदेही होती है ?

उत्तरः निःसन्देह प्रशासन की जवाबदेही होती है और प्रशासन को ऐसी कैमिकल फैक्ट्रियों और गैस गोदामों को तत्काल प्रभाव से बन्द करना चाहिए पर आप सारी जिम्मेदारी केवल प्रशासन पर नहीं ड़ाल सकते क्योंकि आम जनता का भी दायित्व बनता है कि यदि आपके आसपास रिहायशी ईलाके में कोई इस प्रकार का गैस गोदाम या कैमिकल फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है तो जनता को स्वयं पहल करनी चाहिए और सारा ठीकरा केवल प्रशासन के सिर ही नहीं फोड़ना चाहिए।
2. इस प्रकार की जगहों पर अगर कोई आगजनी की घटना होती है तो कौन एफ0आई0आर0 कर सकता है ?
उत्तरः ऐसे मामलों में कोई भी आम नागरिक एफ0आई0आर0 कर सकता है साथ ही सम्बन्धित थाना क्षेत्र से सम्बन्धित माननीय न्यायालय भी स्वयं घटना संज्ञान में लेकर एफ0आई0आर0 दर्ज करने के आदेश पारित कर सकते है।
3. क्या ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की रोकथाम हेतु कोई कानून है ?
उत्तरः जी हाँ धारा 133 सी0आर0पी0सी में जि़लाधिकारी या उप-जि़लाधिकारी के समक्ष शिकायती पत्र प्रस्तुत कर रिहायशी क्षेत्रो में चल रहे गैस गोदामों या कैमिकल फैक्ट्रियों को बन्द कराया जा सकता है तथा साथ ही आई0पी0सी0 की धारा 285 एवं 286 के अन्तर्गत भी ऐसे के संचालकों के विरूद्ध एफ0आई0आर0 दर्ज की जा सकती है ऐसे मामलो में यह कतई जरूरी नहीं है कि घटना घटनें के बाद ही एफ0आई0आर0 दर्ज की जाये।
4. देखा जाता है कि ऐसे किसी गैस गोदाम या कैमिकल फैक्ट्री में आगजनी या विस्फोट की घटना घटित होने के बाद दोषियों के लिये सज़ा का प्रावधान है लेकिन क्या पीडित व्यक्तियोें के क्षतिपूर्ति के लिये भी क्या कोई कानून उपलब्ध है?
उत्तरः जी हाँ, भारत में इस प्रकार के फैक्ट्री एवं गोदामों के संचालकों/मालिकों द्वारा, कोई अप्रत्याशित घटना घटित होने के बाद पीडि़त को मुआवज़ा देने के सन्दर्भ में ABSOLUTE LIABILITY का सिद्धान्त लागू है मतलब यह है कि घटना सिद्ध होते ही संचालक/मालिक किसी भी तरीके से अपने दायित्व के निर्वहन से नहीं बच सकता भले ही ऐसी घटना मेें उसकी कोई लापरवाही न रही हो या उक्त घटना किसी प्राकृतिक आपदा का ही परिणाम क्यों न हो उस स्थिति में भी संचालक/मालिक को पीडि़त पक्ष को मुआवज़ा देना ही होगा।

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