जिलाधिकारी ने की कानून व्यवस्था की बैठक

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मेरठ : जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों एवं संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी नजर रखें तथा जो जनपद की शान्ति व्यवस्था को खराब करने का प्रयास करे उनके विरुद्ध सख्त प्रभावी कार्रवाई अमल में लायें। उन्होंने कहा कि गैर परम्परागत किसी भी कार्यक्रम को न होने दें तथा परम्परागत होने वाले कार्यक्रमों की अनुमति पूर्व में अवश्य हो। उन्होंने उप जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह पूरी सर्तकता व सजगता के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर सूचना तन्त्र विकसित कर हर छोटी घटना का तत्काल संज्ञान लें तथा निंरतर पूर्ण बल के साथ क्षेत्रों में गश्ती करें जिससे शान्ति व्यवस्था कायम रह सके। उन्होंने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि वह अपने सूचना तंत्र से प्राप्त सूचनाओं का तत्काल संज्ञान लेते हुए एक दूसरे को आदान प्रदान करें।
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा आज बचत भवन सभागार में जनपद की कानून व्यवस्था बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वह अपने थानान्तर्गत क्षेत्र में जहां भी बिना अनुमति वाले लाउड स्पीकर नहीं हटे हैं वहां से तत्काल हटायें तथा अनुमति प्राप्त लाउड स्पीकरों निर्धारित आवाज में ही बजें। उन्होंने सभी एसडीएम व पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह अपने क्षेत्रों के धर्मगुरूओं व उस क्षेत्र के गणमान्यों के साथ शान्ति समिति की बैठकें भी आयोजित करें। उन्होंने कहा कि जनपद मंे धारा 144 लागू है इसलिए सभी अधिकारी इसका पालन सुनिश्चित करें और बिना अनुमति के कोई भी जनसभा, जलूस आदि न होने दें।
जिलाधिकारी ने कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में पैनी नजर रखते हुए पुलिस बल के साथ गश्ती करें ताकि शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार से शान्ति व्यवस्था और आपसी सौहार्द को भंग न होने पायें। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी अपने सूचना तंत्रों को भी सक्रिय रखें, क्यांेकि सूचना तंत्रों के सक्रिय होने से ही घटना की सही व शीघ्र जानकारी मिलती है। उन्होनंे कहा कि किसी भी छोटी घटना के घटित होने पर पुलिस अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे, क्योकि छोटी-छोटी घटनाएं ही बड़ी घटना का रूप लेती है। उन्होंने समाज में माहौल बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने तथा उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के भी निर्देश दिये। उन्होंने गोवंश व गौ तस्करी में पंजीकृत व्यक्तियों के विरुद्ध भी कड़ी कार्यवाही करने हेतु निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने सभी थाना अध्यक्षों को निर्देश दिये कि वे अपने थाना क्षेत्र में इकबाल कायम करें तथा आमजन से बेहतर व्यवहार कर हर गांव में प्रबुद्ध व्यक्तियों के साथ बैठक करते हुए हर गतिविधि पर नजर रखें। उन्होंने सभी थाना अध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिये कि यदि उनके क्षेत्र में गोकशी, गौ तस्कर एवं अवैध स्लाॅटर हाउस जैसा अवैध कार्य होना पाया गया तो इसमें उनकी स्वयं की जिम्मेदारी होगी, इसके लिए उनको किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा। इसलिए वह किसी भी अवैध व प्रतिबन्धित कार्य को न होने दे। इसके लिये वह अपने ग्राम चैकीदार व ग्राम बीट सिपाही से नियमित फीडबैक लेते हुए गोकशी, गौ तस्कर आदि कार्यों में यदि कोई संलिप्त पाया जाये तो उसके विरुद्ध एनएसए जैसी कड़ी से कड़ी कार्रवाई प्रस्तावित की जाये।
बैठक में जिलाधिकारी ने एसडीएम व पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे ग्राम स्तर पर चैकीदार, लेखपाल, ग्रामपंचायत सचिव एवं अन्य स्टाफ से भी हर गतिविधि का नियमित फीडबैक प्राप्त करें जिससे उन्हें कोई भी नई परम्परा एवं संदिग्ध व्यक्ति के विषय में तत्काल जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम और तहसीलदार मुख्यालय पर रहें तथा सीओ अपने सर्किल में रहें ताकि किसी भी घटना का तत्काल निदान हो सके। उन्होंने कहा कि सभी थाना अध्यक्ष एक व्हाटसएप ग्रुप बनाकर अपने सूचना तंत्र से सभी सूचनाओं का आदान प्रदान करें।
जिलाधिकारी ने जिला पशुचिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि वह जनपद के स्लाॅटर हाउसों पर मानक व कैपेसिटी के अनुरूप कार्यों के लिये नियमित माॅनीटरिंग करें।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह जनपद में शान्ति व्यवस्था कायम रखने हेतु पूर्ण सजगता व गम्भीरता के साथ कार्य करें। उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देश दिये कि वह अपने क्षेत्र के जिला बदर किये गये लोगो व असामाजिक तत्वों पर नजर रखें यदि कोई जिला बदर व्यक्ति जनपद में प्रवेश करता है तो उसके विरूद्ध तत्काल कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि गोकशी व गौ तस्करी किसी भी कीमत पर न होने दे। यदि इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई पायी गयी तो यह बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वह अपने अधिनस्थों को सक्रिय करें तथा किसी भी प्र्रतिबन्धित कार्य को न होने दें तथा हर छोटी का तत्काल संज्ञाान लेते हुए उसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को प्रदान करें। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रख उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गुण्डा एक्ट के प्रस्ताव करते समय वह उसके मानक व क्वालिटी का अवश्य ध्यान रखें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नगर मुकेश चन्द्र, एसपी सिटी रणविजय सिंह, क्राइम वीपी अशोक, देहात राजेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम सदर निशा अनंत, मवाना अंकुर श्रीवास्तव, सरधना अमित भारतीय, एसीएम अमिताभ यादव, कमलेश गोयम, सुनीता सिंह, संयुक्त निदेशक अभियोजन, जेल अधीक्षक, जिला पशुचिकित्सा अधिकारी, डीजीसी फौजदारी अनिल तोमर, सभी सीओ, सहित सम्बंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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