खाली कराया जाएगा पटेलनगर में कबाड़ियों द्वारा कब्जाया गया नगर निगम का पार्क

मेरठ : भाजपा सरकार के प्रदेश में सत्तासीन होने के बाद मंगलवार को टाउन हाॅल में हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में जमकर हंगामा हुआ। मुस्लिम पार्षदों के वंदेमातरम के दौरान बाहर जाने को लेकर भाजपा पार्षदों ने सदन में वंदे मातरम के नारे लगाते हुए विरोध जताया। इस दौरान कई मुद्दो पर चर्चा हुई जिसमें प्रमुख रूप से पटेल नगर में पूर्व सभासद और कबाड़ी हाजी रईस द्वारा नगर निगम के कब्जाए हुए पाार्क को मुक्त कराने पर मुहर लगाई गई।

टाउन हाॅल में मेयर हरिकांत अहलुवालिया और नगरायुक्त देवेन्द्र सिंह कुशवाहा की मौजूदगी में निर्धारित समय पर बोर्ड बैठक शुरू हुई। बैठक की शुरूआत में जैसे की पार्षदों ने वंदे मातरम शुरू किया तो मुस्लिम पार्षद उठ कर बाहर चले गए। वंदे मातरम समाप्त होने के बाद भाजपा पार्षदों ने इस बात को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने वंदे मातरम के नारे लगाते हुए वंदे मातरम का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान और भारत में यदि रहना होगा, वंदे मातरम कहना होगा जैसे नारे लगाने शुरू किए तो एक बार को माहौल गर्मा गया। मेयर व नगरायुक्त ने पार्षदों को शांत कराते हुए बैठक शुरू की। जिसके कुछ देर बाद ही भाजपा पार्षद तहसीन अंसारी ने पिछली बैठक में खुद को चांटा मारने वाले सपा पार्षद शाहिद के खिलाफ कार्यवाही मांग की। उन्होंने साफ कहा कि या तो शाहिद उनसे माफी मांगे या फिर चांटे का जवाब चांटे से दिया जाएगा। इस बात को सुनकर शाहिद बैठक से खिसक लिए। बैठक में तीर्थकंर मार्ग और मुकुंदी देवी धर्मशाला के पास से मीट की दुकानें हटाए जाने, घरों से कूड़ा उठाने के लिए कंपनी को टेंडर छोड़े जाने, गलियों में अवैध रूप से खुली मीट की दुकाने बंद कराने और मीट की नई दुकानों के लिए नए लाइसेंस जारी न किए जाने पर मुहर लगाई गई। इसी के साथ अवैध बूचड़खानों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही जारी रखने पर चर्चा हुई।

पटेल नगर में पूर्व सभासद ने बेच डाला नगर निगम का पार्क
बैठक में सबसे अहम मुद्दा छतरी वाले पीर से जली कोठी को जाने वाले मार्ग पर पूर्व सभासद द्वारा पार्क को कबाड़ियों को बेचे जाना रहा। दरअसल, इस मार्ग पर करीब चार दशक पूर्व नगर निगम ने एक पार्क का निर्माण किया था। आरोप है कि करीब तीस वर्ष पूर्व तत्कालीन सभासद हाजी रईस ने उक्त पार्क पर धीरे-धीरे कब्जा करना शुरू कर दिया। नगर निगम के तत्कालीन अफसरों से सांठगांठ करके उक्त पार्क की जमीन को कबाड़ियों को फर्जी तरीके से बेच डाला और किराएदारी की फर्जी रसीेदंे भी थमा दीं, लेकिन शर्त रखी गई कि इस स्थान पर पक्की छत न डालकर सिर्फ टीनशेड की छत डाली जाएगी। वर्तमान समय में मौके पर पार्क का अस्तित्व समाप्त हो चुका है और कबाड़ियों के गोदाम और दुकानें मौजूद हैं। पार्क के नाम पर सिर्फ एक खजूर का पेड़ खड़ा है जो वहां कभी पार्क होने की गवाही देता है। वहीं इस बेशकीमती जमीन को कब्जा कर हाजी रईस सहित कई कबाड़ी अरबपति हो चुके हैं। पार्षदों ने मांग की कि जब शहर को स्मार्ट सिटी घोषित करने के लिए कवायद की जा रही हैं तो उक्त पार्क को भी कबाड़ियों के कब्जे से मुक्त कराते हुए उसका सौंदर्यीकरण कराया जाए। इस मुद्दे पर मेयर ने कहा कि रोजाना दो घंटे नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान में इस पार्क को भी शामिल करते हुए कब्जा मुक्त कराया जाएगा।

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