28 मार्च को प्रधानमंत्री की रैली का विरोध करेंगे अधिवक्ता, दो दिन कचहरी में नहीं होगा कामकाज

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मेरठ : लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश से चुनावी बिगुल फूंकने के लिए भाजपा द्वारा जागृति विहार एक्सटेंशन में आयोजित होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली का विरोध शुरू हो गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाई कोर्ट बेंच संघर्ष समिति ने 28 मार्च को होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को लेकर मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को केंद्रीय संघर्ष समिति के पदाधिकारी और मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह जानी व देवकीनंदन शर्मा ने इस मुद्दे को लेकर एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। नानक चंद सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अधिवक्ताओं ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच की मांग को लेकर प्रधानमंत्री की रैली का विरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक में 2 दिन पूर्व ही यह निर्णय ले लिया गया था कि लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जहां जहां भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उपमुख्यमंत्रियों की सभा होगी, वहीं पर वकील इन सभाओं का विरोध करेंगे। उन्होंने बताया कि 28 मार्च को मेरठ के जागृति विहार एक्सटेंशन में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली का विरोध करने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 25 जिलों से वकील मेरठ पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि यदि उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से न कराई गई तो वकील सड़क से लेकर रैली स्थल तक प्रधानमंत्री का विरोध करेंगे। हालांकि इस दौरान उन्होंने वकीलों की कोई रणनीति स्पष्ट नहीं की। मगर, वकीलों के तेवरों को लेकर प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।

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