‘हमारे जेहादी निकल चुके हैं, दिल्ली-एनसीआर को बचा सकते हो तो बचा लो रब्बा खैर’

'Our-jehadi-has-expired,-you-can-save-Delhi-NCR-if-you-save'-Rabba-Khair-'

मेरठ : अभी कुछ दिन पूर्व मेरठ की जिलाधिकारी को आतंकी संगठन जैश ए मौहम्मद द्वारा मिले पत्र का मामला सुलझा नहीं कि शुक्रवार को एक बार फिर मेरठ में दो अलग-अलग स्थानों पर आतंकियों द्वारा पत्र दिए जाने से पुलिस-प्रशासन के होश उड़ गए है। ब्रहमपुरी क्षेत्र में भिखारी द्वारा ट्रैफिक पुलिस के सिपाही और एक महिला द्वारा डायल 100 के चालक को सौंपे गए पत्रों में आतंकियों ने अपने साथियों द्वारा शीघ्र ही दिल्ली और एनसीआर को दहलाने का दावा किया है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस डीजीपी को जानकारी देते हुए एनसीआर में चैकिंग शुरू कर दी गई है। संदिग्ध भिखारी से पुलिस और एलआईयू की टीम पूछताछ कर रही हैं, वहीं दूसरा पत्र देने वाली महिला का सुराग नहीं मिला है।

दरअसल, शुक्रवार की सुबह ट्रैफिक पुलिस का सिपाही नितिन रेलवे रोड चौराहे पर ड्यूटी कर रहा था। इसी दौरान एक विकलांग भिखारी उसके पास आया और उसे एक पत्र दिया। पत्र पढ़ते ही नितिन के होश उड़ गए। खत का मजमून कुछ इस प्रकार था। ‘भाई जान हमारे जिहादी तीन गाड़ियों में दिल्ली निकल गए हैं। बचा सकते हो तो बचा लो, एक गाड़ी गाजियाबाद पहुंचने वाली है, बाकी भी 11.00 बजे तक पहुंचेगीं। बचा लो मजाक मत समझना लाखों लोग भुगतेंगे रब्बा खैर’। पत्र पढ़ते ही नितिन ने पत्र देने वाले भिखारी को दबोच लिया। भिखारी ने बताया कि यह पत्र उसे एक बाइक सवार ने दिया था, पत्र के साथ दस रूपये देते हुए कहा था कि सामने खड़े सफेद वर्दी वाले को दे दो। मामले की जानकारी मिलते ही हरकत में आई पुलिस ने भिखारी को हिरासत में ले लिया। इस घटना के ठीक पंद्रह मिनट बाद ब्रहमपुरी क्षेत्र में ही माधवपुरम स्थित शहीद मंगलपांडे गर्ल्स कॉलेज के पास खड़ी डायल 100 की गाड़ी के चालक संजीव त्यागी के पास पुरानी धोती पहने हुए लगभग 55 वर्षीय एक महिला पहुंची। उसने भी चालक संजीव को एक पत्र देते हुए कहा कि यह उसे एक युवक ने दिया है और बोला है कि दरोगा जी को दे देना। चालक पर्चा लेकर दरोगा के पास पहुंचा पर्चा पढ़ते ही उनके भी होश उड़ गए। पर्चे में लिखा था ‘भाई जान हमारी तीन गाड़ियों में जिहादी दिल्ली निकल गए एक गाड़ी छह बजे के बाद व सात बजे, फिर आठ बजे निकलेगी पूरी दिल्ली दहलाना है मजाक में मत लेना भारी पड़ेगा रब्बा खैर’। पुलिस ने पत्र देने वाली महिला की तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। दोनों पत्रों की जानकारी मिलते ही आलाधिकारियों में हड़कंप मच गया। दोनों पत्रों में काफी हद तक समानता थी और दोनों ही हाथ से लिखे गए थे। मामले की जानकारी मिलते ही दिल्ली कंट्रोल रूम, दिल्ली पुलिस ने डीसीपी, एलआईयू, इंटेलीजेंस, एटीएस व आईबी की यूनिट को मामले से अवगत कराया गया। मामले की गंभीरता देखते हुए एनसीआर में चैकिंग कराई जा रही है। वहीं पत्र देने वाले भिखारी से एलआईयू और पुलिस के आलाधिकारियों ने पूछताछ की। भिखारी ने अपना नाम शब्बन पुत्र अब्दुल रहीम निवासी मौहल्ला बढ़वान कब्जा धामपुर जिला बिजनौर बताया। एलआईयू की टीम भिखारी से पूछताछ में जुटी है, उसे मौके पर ले जाया गया, जहां वह बाइक सवार द्वारा पत्र देने की बात कह रहा है। हालांकि अभी कोई अधिकारी इस विषय में बात नहीं कर रहा, लेकिन बार-बार मिल रही धमकियां मजाक नहीं, बल्कि किसी बड़ी घटना का संकेत भी हो सकती हैं।

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