पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर ‘चीता’

Police-battered-vicious-'cheetah'

मेरठ : कई दिनों से पुलिस के सिर का दर्द बना कुख्यात बदमाश कासिफ उर्फ चीता आखिरकार पुलिस के हाथ लग ही गया। चीता और उसके एक साथी को दबोचते हुए पुलिस ने पिछले दिनों में शहर में हुई दो बड़ी वारदातों का खुलासा किया है।

पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता करते हुए एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि एएसपी सदर के नेतृत्व में इंस्पेक्टर सदर पंकज पंत ने मुखबिर की सूचना पर दो बदमाशों को गिरफ्तार किया। रजबन पेट्रोल पंप के सामने से धरे गए बदमाशों ने अपने नाम कासिफ उर्फ चीता निवासी कैपिटल स्कूल वाली गली हापुड़ चुंगी और शिवा पण्डित निवासी मोरीपाड़ा बताए। बदमाशों ने बताया कि बीती 2 फरवरी को ब्रहमपुरी की शारदा रोड पर गुटखा व्यापारी प्रवीण कुमार वर्मा के गोदाम पर हुई डकैती की घटना को उन्होंने ही अंजाम दिया था। इस घटना में उनके साथ नदीम निवासी सीलमपुर दिल्ली, फराज और सुहेल उर्फ छोटा निवासी कृष्णापाड़ा शामिल थे। पुलिस के अनुसार बदमाशों ने छोटू की मुखबिरी पर प्रवीण के गोदाम को निशाना बनाया था। उन्हें पता चला था कि प्रवीण के गोदाम पर रोजाना से तीन से चार लाख का कैश मिलता है। लेकिन नोटबंदी के चलते प्रवीण के व्यापार में कैश का लेनदेन कम हो गया था, इसलिए बदमाश सिर्फ 23 हजार की रकम और कुछ सामान ही लूट सके। इसी बीच प्रवीण के पुत्र अभिषेक उर्फ सोंटी ने उनके साथी फराज को दबोच लिया, जिसके बाद उन्होेंने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें अभिषेक की मौत हो गई और प्रवीण गंभीर रूप से घायल हुए थे। बदमाशों के पास से पुलिस को .32 बोर की पिस्टल, तमंचा और सोंटी से लूटा गया मोबाइल बरामद हुआ है। बदमाशों ने सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हुई किन्नर शमशाद की हत्या की घटना में भी अपना हाथ बताया है। उन्होंने बताया कि शमशाद की हत्या के लिए हाजी फाकों ने कुख्यात शारिक को 25 लाख की सुपारी दी थी। शारिक और शमशाद के बीच पहले से ही रंजिश चली आ रही थी। पुलिस के मुताबिक फरार चल रहे अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है। पकड़े गए बदमाशों के खिलाफ विभिन्न थानों में पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं। उन्हें जेल भेजा जा रहा है।

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