आयुक्त ने की मण्डलीय कर करेत्तर एवं राजस्व वसूली के कार्यो की समीक्षा

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मेरठ : आयुक्त सभागार में कर करेत्तर एवं राजस्व वसूली व राजस्व कार्यो की समीक्षा बैठ की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त डा0 प्रभात कुमार ने राजस्व वसूली में तेजी लाने, अवैध खनन के विरूद्ध कार्यवाही करने, संग्रह अमीनों का लक्ष्य बढाने, आईजीआरएस पोर्टल पर सम्बधित प्रकरणों में व राजस्व वसूली में मण्डल को प्रथम स्थान पर लाने व मत्स्य पालन के पटटों का आवंटन करने, तहसील व समाधान दिवस के प्रकरणों का प्राथमिकता पर निस्तारण करने के निर्देश दिये।

आयुक्त डा0 प्रभात कुमार ने बताया कि तहसील दिवस के प्रकरणों को गुणवत्तापरक व समयबद्ध निस्तारण के लिए प्रत्येक तहसील में एक-एक जनपदीय या मण्डल स्तरीय अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाकर उनसे प्रत्येक माह 10 प्रकरणों की जांच करायी जाएगी। उन्हांेंने कहा कि नोडल अधिकारी को तहसील दिवस में न आकर अन्य दिवसों में प्रकरणों की समीक्षा कर 10 प्रकरणों को चुनकर उसकी जांच व शिकायतकर्ता की संतुष्टि जाननी होगी।

आयुक्त ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि विद्युत विभाग विद्युत बिल का भुगतान अग्रिम देने पर ब्याॅज देता है। उन्होंने कहा कि मण्डल में विद्युत के कितने बिल जारी हुए व उसमें कितनी रिकवरी हुई इसकी आख्या दें। उन्होंने मेरठ व बागपत सहित मण्डल के जनपदों में बालू के अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो भी आंकड़ा उनके कार्यालय मंे दिया जाए वह सही व प्रासंगिक होना चाहिए।

आयुक्त ने निर्देशित किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर आंकड़ों को सही कराये तथा वाहन कर के पुराने मामलों में आरसी जारी करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने निर्देशित किया कि भू-राजस्व अधिनियम के अन्तर्गत पूर्व योजित वादों के निस्तारण मंें 31 दिसम्बर 2017 के बाद 5 साल से ज्यादा का कोई पुराना वाद लम्बित नहीं रहना चाहिए।उन्होंने अपर जिलाधिकारी वित्त से कहा कि वह राजस्व वसूली की गहनता से समीक्षा करें व आरसी जारी करें।

आयुक्त ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वह तहसील व समाधान दिवस के निस्तारण की गुणवत्ता को स्वंय या उच्चाधिकारियों से जांच करायें यदि प्रकरण का निस्तारण न हुआ हो या शिकायतकर्ता असंतुष्ठ हो तो ऐसे प्रकरणों को तीन दिनों में निस्तारित करें।उन्होंने ग्रामीण क्षेंत्रों के संग्रह अमीनों का लक्ष्य पांच लाख व शहरी क्षेत्रों का 15 से 20 लाख करने के लिए निर्देशित किया।

अपर आयुक्त आर0एनधामा ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में मण्डल में 30 सितम्बर 2017 तक वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष कर राजस्व उपलब्धि प्रतिशत में भू-राजस्व में 64.09, स्टाॅम्प एवं पंजीकरण फीस में 34.60, राज्यआबकारी शुल्क में 30, वाणिज्य कर में 24.41, वाहन कर, माल एवं यात्री कर में 49, विद्युत कर तथा शुल्क में 39.01, वानिकी एवं वन्यजीव में 74.61, अलौहधातु खनन में 34.78, व मुख्य मध्य सिंचाई में 24.58 प्रतिशत रहा। उन्होंने बताया कि राजकीय देयों की क्रमिक वसूली के प्रतिशत में स्टाॅप देय में 53.52, वाहन कर में 60.16, विद्युत देय में 54.12, मनोरंजन कर में 35.34, अलोहधातु एव ंखनन में 69.08, बैंक देय मंे 61.65, व अन्य देय में 64.71 प्रतिशत रहा।

अपर आयुक्त ने बताया कि राजस्व संहिता 2006 व राजस्व संहिता संशोधन अध्यादेश के अन्तर्गत मण्डल में वादों के निस्तारण 82.91 प्रतिशत हुआ है उन्होंने बताया कि भू-‘राजस्व अधिनियम के अन्तर्गत 05 से 10 वर्ष पुराने 71 व 10 वर्ष से अधिक पुराने 27 वाद लम्बित है तथा जमीदारी विनाश अधिनियम के अन्तर्गत 05 से 10 वर्ष पुराने 255 व 10 वर्ष से अधिक पुराने 29 वाद लम्बित है। उन्होंने बताया कि मण्डल में राजस्व परिषद की 2796 आॅडिट आपित्तया लम्बित है।

इस अवसर पर डीएम गाजियाबाद रितु माहेश्वरी, गौतमबुद्ध नगर बीएन सिंह, हापुड़ कृष्ण करूणेश, बुलन्दशहर रोशन जैकेब, सीडीओ मेरठ आर्यका अखौरी, बागपत चांदनी सिह, अपर जिलाधिकारी वित्त मेरठ आनन्द कुमार, गौतमबुद्धनगर राजेश कुमार, हापुड़ रजनीश राॅय, बागपत लोकपाल सिंह, बुलन्दशहर ब्रजेश कुमार, एडीएमई मेरठ सत्य प्रकाश पटेल, आरटीओ मरठ डा0 विजय कुमार, गाजियाबाद ए0के0 त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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