आशा कार्यकत्री की मिलीभगत से चल रहे ‘कोख के कत्लगाह’ का खुलासा, तीन महिलाओं सहित छह दबोचे

The-disclosure-of-'Koch's-killings'-with-the-collusion-of-Asha-activist

मेरठ : केंद्र सरकार के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ नारे को स्वास्थ्य विभाग में तैनात कुछ आशा कार्यकत्री ही झूठा साबित करने पर तुली हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए सोनीपत और मेरठ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मवाना में छापेमारी करते हुए तीन महिलाओं सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आशा कार्यकत्री और एक झोलाछाप भी शामिल हैं।
दरअसल, सोनीपत स्वास्थ्य विभाग की टीम को मवाना थाने से चंद कदम की दूरी पर झोलाछाप क्लीनिक चलाने वाले अरविंद पवाड़िया के अवैध रूप से लिंग परीक्षण कराए जाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद सोनीपत स्वास्थ्य विभाग के डा आदर्श और डा अनवीता ने मेरठ के एसीएमओ डा प्रवीन गौतम से संपर्क किया। अधिकारियों से संयुक्त कार्यवाही करते हुए एक महिला ग्राहक को अपने गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग परीक्षण कराने के लिए झोलाछाप अरविंद के क्लीनिक पर भेजा। लिंग परीक्षण का सौदा 30 हजार में तय हुआ। लेकिन जैसे ही आरोपी ने महिला के हाथ से रकम ली, तो जाल बिछाए खड़ी स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने आरोपी को दबोच लिया। इस दौरान मवाना सीएचसी में तैनात आशा कार्यकत्री सीमा, सावित्री नाम की दाई और क्लीनिक की कर्मचारी शारदा सहित क्लीनिक संचालक झोलाछाप अरविंद पवाड़िया, श्रवण व रवि को गिरफ्तार किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से बरामद अल्ट्रासाउंड मशीन सील करते हुए आरोपियों के खिलाफ मवाना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

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