सुबह आतंकियों का खत, शाम को निकले मिले जिटौली ओवरब्रिज के वोल्ट, हड़कंप

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मेरठ : इसे इत्तेफाक कहें या जनपद में किसी बड़ी घटना के होने के संकेत, चाहे जो भी हो, लेकिन यदि वाकई यह महज एक इत्तेफाक था तो गनीमत है। दरअसल, शुक्रवार की शाम कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित जिटौली ओवरब्रिज पर रेलवे के कर्मचारी रूटीन चेकिंग में जुटे थे। इसी दौरान उन्होंने ब्रिज के नीचे सपोर्ट मेें लगी प्लेटों के नट-बोल्ट निकले देखे तो उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में दिल्ली मुख्यालय को घटना की सूचना दी गई तो नेशनल हाइवे, टोल प्लाजा, एलआईयू, सीओ और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने जांच-पड़ताल की तो पुल की सपोर्ट में कई प्लेटों के कई दर्जन नट-बोल्ट गायब मिले। जिसके बाद करीब साढे़ चार बजे पुल के नीचे से गुजरने वाली ट्रेनों को रोक दिया गया। वहीं पुल के नीचे से गुजरने वाले ट्रैफिक का भी रूट डायवर्जन कर दिया गया। तकनीकी टीम को मौके पर तलब करते हुए चोरी हुए नट-बोल्ट के स्थान पर नए नट-बोल्ट लगाने का काम शुरू किया गया। इस दौरान अधिकारियों में हड़कंप मचा रहा। करीब दो घंटे बाद पुल के ऊपर से ट्रैफिक सुचारू करते हुए वाहनों को निकलने की अनुमति दी गई। वहीं काफी देर बाद पुल के नीचे से रेल यातायात सुचारू किया गया, लेकिन ट्रेनों को भी धीमी गति से निकाला गया। अधिकारी इसे विभाग के ही किसी व्यक्ति की शरारत बता रहे हैं, लेेकिन सवाल यह उठता है कि यदि समय रहते नट-बोल्ट निकाले जाने की जानकारी नहीं मिलती और ट्रैफिक पुल से गुजरता रहता तो पुल की सपोर्ट में लगे पिलरों में गेप आने से पुल गिरने की प्रबल संभावना थी। ऐसे में होने वाले जान माल की नुकसान का जिम्मेदार कौन होता। बताते चलें कि शुक्रवार की सुबह को ही मेरठ पुलिस को आतंकियो के दो पत्र मिले हैं, जिनमें दिल्ली और एनसीआर को दहलाने की धमकी दी गई है। हालांकि अधिकारी इसे किसी की शरारत बता रहे हैं।

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