डिप्रेशन के शिकार युवक ने की खुदकुशी

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मेरठ : पल्लवपुरम थाना क्षेत्र के पल्लवपुरम फेस-1 में युवक का शव उसी के कमरे में चुनरी के फंदे के सहारे पंखे से लटका मिला। घटना का शिकार बना युवक भारतीय स्टेट बैंक की कचहरी शाखा में लिपिक रहा। सूचना पाकर थाना प्रभारी तेजसिंह यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। शोकाकुल परिजनों का कहना था कि कर्ज में डूबा संजीव कुमार एक माह से ड्यूटी पर नहीं जा रहा था। वह डिप्रेशन का शिकार रहा और उसने खुूदकुशी कर ली।

मूलत: अहेडा गांव का संजीव कुमार फिलहाल पत्नी सीमा व तीन पुत्रों और पुत्री के साथ पल्लवपुरम फेस-वन में मलखान के मकान में बतौर किरायेदार रह रहा था। बताया गया बुधवार को पूर्वाह्न करीब नौ बजे संजीव कुमार अपने कमरे में गया और उसने दरवाजा बंद कर लिया। तब उसकी पत्नी सीमा कपडे़ धो रही थी, जबकि पुत्री रसोई में आटा गूंथ रही थी। करीब दस बजे सीमा ने पति के कमरे का दरवाजा खटखटाया। तब कोई जवाब नहीं मिलने पर उसका माथा ठनका। परिजनों ने दरवाजा अंदर गए तो संजीव का शव चुनरी के फंदे के सहारे पंखे से लटका देख उनकी चीख निकल गयी। चीख पुकार सुनकर पडौसी उधर दौड़े, तभी उन्हें घटना की जानकारी मिली।

सूचना पाकर थाना प्रभारी तेजसिंह यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल भेज दिया। शोकाकुल परिजनों ने पुलिस को बताया कि संजीव कुमार के पिता सुरेश चंद भारतीय स्टेट बैंक में कर्मचारी रहे। उनके निधन के बाद संजीव कुमार को इसी बैंक में मृतक आश्रित कोटे की नौकरी मिली। वह पिलहाल एसबीआई की कचहरी शाखा में तैनात रहा। संजीव ने कई लोगों से कर्ज लेकर ब्याज पर लोगों को उधार दिया था। उधार वापस नहीं आने से वह कर्ज नहीं चुका पा रहा था और इसीलिए वह डिप्रेशन का शिकार हो गया था। डिप्रेशन के कारण ही वह एक माह से ड्यूटी पर नहीं जा रहा था। जिन लोगों से संजीव ने कर्ज लिया था वह उस पर कर्ज लौटाने का दबाव बना रहे थे।

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